Showing posts with label दुखद. Show all posts
Showing posts with label दुखद. Show all posts
खेल खेल में रस्सी ने ली जान, और बन गई मौत की खिलौना 😯😱😨
We are here
Bhiwani, Haryana, India
पंजाबी कलाकार दीप सिद्धू की कार दुर्घटना में दर्दनाक मौत
दीप सिद्धू ??
पंजाबी कलाकार दीप सिद्धू
- सिद्धू का जन्म 02 अप्रैल, 1984 को मुक्तसर, भारत में हुआ था।
- ये मूल रूप से मुंबई, महाराष्ट्र, भारत के निवासी थे।
- इनका मुख्य व्यवसाय अभिनय करना था इन्होने बहोत सी पंजाबी फिल्मों में अभिनेता के रूप में कार्य किया।
- इनकी प्रमुख फ़िल्में: रमता जोगी, रंग पंजाब, ज़ोरा 10 नम्बरिया इत्यादि।
नहीं रहे दीप सिद्धू............
- मंगलवार रात को सिद्धू की स्कॉर्पिओ कार कुंडली बॉर्डर के पास हादसे की शिकार हो गई। बताया जा रहा है की उस वक़्त उस गाडी में दीप सिद्धू के साथ उनकी गर्ल फ्रेंड भी मौजूद थी। गाड़ी की टक्कर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से हुई थी। घटना के वक़्त सिद्धू खुद गाडी चला रहे थे। इसी कारन उनकी मौके पर ही मौत हो गई लेकिन उनकी गर्ल फ्रेंड जो दूसरी साइड बैठी थी, गंभीर रूप से घ्याल हो गई हैं।
- पुलिस की मुताबिक जब हादसे के दौरान 22 टैरी ट्रक खड़ा नहीं था बल्कि केएमपी पर दौड़ रहा था। हादसा इतना जबरदस्त था की गाड़ी 20 से 25 मीटर तक घिसट गई थी और गाड़ी का आगे का हिस्सा पूरी तरह से ट्रक के अंदर घुस गया था।
- पुलिस को उनकी महिला मित्र से ज्यादा कुछ नहीं पता चला क्योंकी उस महिला का कहना है की जब हादसा हुआ तो इनकी आँख लग गई थी। पुलिस अभी इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिस क्र रही है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई सबूत पुलिस को नहीं मिला है जिससे यह साबित हो की यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक साजिस थी।
हादसे से पहले.........
- हादसे से पहले सिद्धू अपनी महिला मित्र के साथ गरुग्राम के होटल ओबरॉय में ठहरे हुए थे। करीब शाम 7:30 बजे वो गुरुग्राम से निकलकर बादली टोल के बाद केएमपी का रस्ता पकड़ा और खरखौदा के पास पहुंचते ही हादसा हो गया।
- गाड़ी खुद सिद्धू जी चला रहे थे और पुलिस की मुताबिक गाडी स्कार्पियो, राजस्थान की थी।
किसान आंदोलन की सुर्खियों में भी सिद्धू..........
- किसान आंदोलन की दौरान सिद्धू ने सिंधु बॉर्डर पर अपना अलग मंच बना लिया था और उनके अधिकांश भाषण किसान से नहीं बल्कि भारतीय संविधान और राजनीती से जुड़े हुए थे। इसी करना किसानों ने उनको अपने से अलग कर लिया।
लाल किले पर फहराया झंडा और दिया हिंसा की बढ़ावा
We are here
Bhiwani, Haryana, India
लता मंगेशकर जी की याद में........
"लता मंगेशकर"
आज हम जानेंगे स्वर कोकिला के नाम से प्रसिद्ध कलाकार "लता मंगेशकर" जी के बारे में।
जन्म:-
- "लता मंगेशकर" जी का जन्म मराठी संगीतकार पंडीत दीनानाथ मंगेशकर के घर 28 दिसंबर 1929 को इंदौर, इंदौर रियासत, सेंट्रल इंडिया एजेंसी, ब्रितानी भारत (वर्तमान मध्यप्रदेश, भारत) में हुआ था।
- इनका बचपन का नाम हेमा था, इन्हे बचपन से संगीत में रूचि थी और इन्होने जो पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी थी, 13 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था।
राष्ट्रीयता:-
- ये मूल रूप से भारतीय थी।
प्रथम कार्य:-
- इन्होने सबसे पहले वसंत जोगलकर द्वारा निर्मित एक फिल्म कीर्ती हसाल के लिए गया था।
- लेकिन इनके पिता नहीं चाहते थी की ये फ़िल्मी दुनिया में कार्य करे।
- इसी के चलते इनके पिता ने उस फिल्म से वह गाना ही हटवा दिया।
संघर्ष:-
- जब लता जी 13 वर्ष की थी तो अचानक ही इनके पिता की मृत्यु हो जाती है।
- घर में पैसो की किल्लत भी बहोत ज्यादा होती है।
- लता जी को अभिनय करना पसंद नहीं था लेकिन पैसो की कमी के चलते उन्हें कुछ हिंदी और मराठी फिल्मों में काम करना पड़ा।
फ़िल्में:-
- इनकी पहली फिल्म पाहिली मंगलागौर (1942) रही। जिसमें उन्होंने स्नेहप्रभा प्रधान की छोटी बहन की भूमिका निभाई थी।
- माझे बाल, चिमुकला संसार (1943)
- गजभाऊ (1944)
- बड़ी माँ (1945)
- जीवन यात्रा (1946)
- माँद (1948)
- छत्रपति शिवाजी (1952)
पहचान:-
- नूर जहाँ की खोज करने वाले उस्ताद गुलाम हैदर ने अपनी आने वाली फिल्म (1945 में) में लता को मौका दिया लेकिन उन्हें उस फिल्म में लता की तरफ से निराशा हाथ मिली। इस फिल्म में कामिनी कौशल मुख्य भूमिका निभा रही थी।
- 1947 में आई फील्म में वसंत जुगलकर ने अपनी फिल्म "आपकी सेवा में" में लता जी को गाने का मौका दिया।
- इस फिल्म के गानों की वजह से लता जी खूब चर्चा में आई।
- इसके बाद उन्होंने बहोत से गाने गए जैसे मजबूर फिल्म के गाने "अंग्रेजी छोरा चला गया" और "दिल मेरा तोडा है मुझे कही का न छोड़ा तेरे प्यार ने"।
- लेकिन लता ने अभी बहोत कुछ हासिल करना था और ऐसा करने का मौका उन्हें 1949 में मिला। उन्हें उस समय की चर्चित अभिनेत्री मधुबाला की फिल्म "महल" में "आएगा आनेवाला" गाना गाने का मोका मिला।
- यह फिल्म लता जी और मधुबाला जी दोनों के लिए शुभ साबित हुई।
पुरुस्कार:-
- फिल्म फेयर पुरस्कार:- 1958, 1962, 1965, 1969, 1993, और 1994
- राष्ट्रीय पुरस्कार:- 1972, 1975, 1990
- महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार:- 1966, 1967
- पद्दम भूषण:- 1969
- दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का गिनीज़ बुक रिकॉर्ड:- 1974
- दादा साहेब फाल्के पुरस्कार:- 1989
- फिल्म फेयर का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:- 1993
- स्क्रीन का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:- 1996
- राजीव गाँधी पुरस्कार:- 1997
- एन.टी.आर. पुरस्कार:- 1999
- पदम् विभूषण:- 1999
- जी सिने का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:- 1999
- आई.आई.ए.एफ. का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:- 2000
- स्टारडस्ट का लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार:- 2001
- भारत रत्न:- 2001
- नूरजहाँ पुरस्कार:- 2001
- महाराष्ट्र भूषण:- 2001
रोचक तथ्य:-
- लता मंगेशकर अभी तक 20 से अधिक भाषाओं में 30000 से अधिक गाने गए चुकी थी।
- अभी तक लता जी ही एक ऐसी जीवित व्यक्ति थी जिनके नाम से पुरस्कार दिए जाते थे।
- वे हमेशा नंगे पाँव ही गाना गाती थी।
- लता जी के द्वारा गाया गया पहला गाना मराठी फिल्म "किती हसाल" (कितना हसोगे?) (1942) का था।
- लता जी को सबसे ज्यादा प्रसिद्धि "महल" फिल्म के गाने "आएगा आने वाला" से मिली।
- लता जी के पिता दीनानाथ मंगेशकर जो लता जी को हमेशा फ़िल्मी जगत से दूर रखते थे खुद एक शास्त्रीय गायक थे।
- लता जी ने 1980 के बाद फिल्मो में गाना कम कर दिया और स्टेज शो पर अधिक ध्यान देने लगी।
- पारिवारिक परिस्थिति के चलते लता जी ने शादी नहीं की।
अन्य नाम:-
- स्वर-सम्राज्ञी
- राष्ट्र की आवाज
- साहराब्दी की आवाज
- भारत कोकिला
- स्वर कोकिला
मृत्यु:-
- 6 फ़रबरी 2022 को ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल ट्रस्ट मुंबई में अचानक तबियत ख़राब होने की वजह से हो गई
We are here
Bhiwani, Haryana, India
Subscribe to:
Posts (Atom)